Tongue (जीभ)

जीभ हमारे मुँह (oral cavity) का सबसे ज़रूरी और versatile organ है। ये सिर्फ़ taste (स्वाद चखने) के लिए ही नहीं बल्कि बोलने (speech), खाना चबाने (mastication), निगलने (swallowing) और मुँह के अंदर food को move करने के काम आती है। जीभ एक muscular organ है, यानी यह muscles से बनी होती है, जिसकी वजह से यह flexible और movable रहती है।

image 10 1 Tongue (जीभ)

Structure of Tongue (जीभ की संरचना)

जीभ का structure बहुत ही interesting है। इसे broadly तीन हिस्सों में बाँटा जाता है –

  1. Tip of Tongue (जीभ का सिरा) – यह सबसे आगे वाला हिस्सा है, जो बाहर निकल सकता है और food को taste करने में सबसे ज्यादा मदद करता है।
  2. Body of Tongue (जीभ का मुख्य हिस्सा) – यह middle region है जो chewing और swallowing के दौरान food को इधर-उधर move करता है।
  3. Root of Tongue (जीभ की जड़) – यह सबसे पीछे का हिस्सा है जो pharynx (गले) से जुड़ा रहता है और swallowing में important role निभाता है।

जीभ की surface पर एक moist mucous membrane होती है। इस membrane पर छोटे-छोटे projections होते हैं जिन्हें papillae कहते हैं। इन्हीं papillae पर taste buds होते हैं जो अलग-अलग स्वाद पहचानने में मदद करते हैं।

Papillae और Taste Buds

जीभ की surface पर चार types के papillae पाए जाते हैं:

  1. Fungiform Papillae – ये छोटे, लाल और mushroom-shaped होते हैं। इन पर taste buds होते हैं।
  2. Filiform Papillae – ये सबसे ज्यादा पाए जाते हैं, लेकिन इनमें taste buds नहीं होते। ये food को hold और move करने में help करते हैं।
  3. Circumvallate Papillae – जीभ के पीछे बड़े आकार में पंक्ति में पाए जाते हैं। इनमें बहुत सारे taste buds होते हैं।
  4. Foliate Papillae – जीभ के sides पर पाए जाते हैं और इनमें भी taste buds होते हैं।

Taste buds में special sensory cells होते हैं जो अलग-अलग taste molecules को पहचानकर signal brain तक भेजते हैं।

Taste Sensation (स्वाद की पहचान)

जीभ पाँच basic taste sensations को पहचान सकती है:

  • Sweet (मीठा) – जीभ के tip से महसूस होता है।
  • Salty (नमकीन) – side part पर taste होता है।
  • Sour (खट्टा) – side के पीछे वाले हिस्से पर पहचाना जाता है।
  • Bitter (कड़वा) – जीभ के सबसे पीछे वाले हिस्से पर taste होता है।
  • Umami (उमामी / चिकन जैसा स्वाद) – यह नया identified taste है, जो protein-rich foods (जैसे meat, soy sauce) में महसूस होता है।

Taste buds का signal जीभ से nerves के जरिए brain (gustatory cortex) तक जाता है, जहाँ brain इसे analyze करके हमें स्वाद का एहसास कराता है।

Functions of Tongue (जीभ के कार्य)

जीभ हमारे body के लिए multi-functional organ है। इसके कुछ मुख्य कार्य हैं:

  1. Taste (स्वाद लेना) – Taste buds की मदद से जीभ अलग-अलग flavors को पहचानती है और हमें खाने का आनंद देती है।
  2. Speech (बोलना) – जीभ sound और words को articulate करने में help करती है। अगर tongue ना हो तो clear बोलना possible नहीं होगा।
  3. Mastication (खाना चबाना) – जीभ food को दाँतों के बीच ले जाकर चबाने में मदद करती है।
  4. Swallowing (निगलना) – जीभ food को throat (pharynx) की तरफ push करती है ताकि वह esophagus में चला जाए।
  5. Cleaning (सफाई) – जीभ मुँह के अंदर food particles को clean करने में भी मदद करती है।
  6. Touch Sense – जीभ soft और hard objects को भी महसूस कर सकती है।

How Tongue Works with Other Organs (जीभ और दूसरे अंगों का सहयोग)

जीभ अकेले काम नहीं करती, बल्कि यह teeth, salivary glands और pharynx के साथ मिलकर काम करती है। जब हम खाना खाते हैं, तो salivary glands saliva बनाते हैं, जीभ food को saliva से mix करके soft bolus बनाती है और उसे swallowing के लिए throat की तरफ move करती है।

Speech के समय tongue और lips मिलकर sounds को shape देते हैं। यही कारण है कि tongue को “organ of taste and speech” कहा जाता है।

Common Tongue Problems (जीभ से जुड़ी समस्याएँ)

जीभ से जुड़ी कुछ common problems होती हैं:

  • Glossitis – जीभ की swelling और redness।
  • Oral Thrush – fungal infection जिससे जीभ पर सफेद परत जम जाती है।
  • Taste Loss – ज़ुकाम या कुछ infections की वजह से taste buds काम करना बंद कर देते हैं।
  • Ulcers – जीभ पर छोटे-छोटे छाले होना।
  • Oral Cancer – जीभ पर लंबे समय तक रहने वाले sores या lumps cancer का sign हो सकते हैं।

Conclusion (निष्कर्ष)

जीभ हमारे शरीर का एक छोटा लेकिन बहुत powerful organ है। यह taste, speech, chewing और swallowing – इन सभी activities के लिए equally ज़रूरी है। Tongue हमें स्वाद का आनंद दिलाती है, communication possible बनाती है और food digestion का पहला step शुरू करती है। अगर जीभ ठीक से काम ना करे तो न तो हम खाना enjoy कर पाएँगे और न ही ठीक से बोल पाएँगे।

Leave a Comment